एक राज़ हूँ ,
क़लम से राज़ लिखता हूँ।
बिखरा हूँ,टूटा हूँ
पर इश्क़ की आवाज़ लिखता हूँ..।
Friday, 17 August 2018
"एक आवाज़"
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#आप..।
Hi..I'm Ayansh ...Welcome ..waiting for something Which is definite to be happen.����🙏🔘
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आँखे जो निहारती थी कभी पूरे महकमे में हमें, शहरी धुंध में कहीं खो गई है, शहर से खरीद कर चुटकी भर नींद हमे ज़िंदा ऱख,खुद सो गई है ।।
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वो मुश्किलों में आगे रह तुम्हे चलना सिखाएगा वो हर बार हार कर तुम्हे जितना सिखाएगा वो गिर जाएगा खुद पर तुम्हे उठना सिखाएगा वो अपने सपने भ...
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